42-44 डिग्री सेल्सियस तापमान में जहां सूरज आग उगल रहा है, धरती गरम हो रही है, पेड़ पौधों की कटान अनवरत ऐसे जारी है जिस प्रकार हत्याएं।
इस प्रचंड गर्मी में पसीने के माध्यम से शरीर का पानी भी बाहर निकलता है।
पानी की कमी बहुत खतरनाक की स्थिति पैदा करती है जिससे लोगों की मृत्यु तक हो जाती है।
पानी की कमी होने पर डॉक्टर शरीर में पानी चढ़ाते भी हैं। गर्मी से बचने का सबसे आसान तरीका है की शरीर में पानी की कमी ना हो।
इस प्रकार के स्नान से भी हम शरीर के पानी की कमी को दूर कर सकते हैं। वाली नदियां तालाब व सरोवर शुद्ध पानी धारण करते थे जिस में स्नान करना काफी लाभप्रद होता था शरीर पानी सोखता था।
हां प्रयास यह जरूर हो कि पानी की बर्बादी हम ना करें। कल के दिन कुछ सुकून का पल ऐसा ही था।
टैंक में स्नान के फायदे ही फायदे? braj bhushan iitk | |
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| Non-profits & Activism | Upload TimePublished on 9 Jun 2018 |
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