यदि आप अपने दादा दादी नाना नानी के शादी का सौ साल पुराना कार्ड देखेंगे तो आपको कैसा लगेगा? जी हाँ काफी आश्चर्य होगा और सुखद अनुभूति भी।
गाजीपुर जनपद अंतर्गत दिलदारनगर निवासी कुँवर मोहम्मद नसीम रजा खाँ एवं उनके वालिद हाजी मोहम्मद करीम रजा खाँ ने सौ साल पुराने ऐसे शादी के निमंत्रण पत्र का अनोखा संग्रह किया है जिसे आप देखते ही रह जाएंगे।
यदि हिंदू धर्म की बात किया जाए तो जन्म से लेकर मुंडन जन्मदिन शादी विवाह एवं त्रयोदशी तक के निमंत्रण पत्र इन्होंने संजो कर रखा है।
मुस्लिम समाज में खतना निकाह रुखसती दसवां 20वां एवं 40वां सहित अन्य मौकों के कार्ड सुरक्षित रूप में आपको देखने के लिए मिल जाएंगे।
ईसाई सिख एवं बौद्ध धर्मावलंबी लोगों के ऐसे अवसर पर भेजे गए निमंत्रण पत्र भी इनके यहां सहेज कर रखे गए हैं।
मंदिर की आधारशिला रखनी हो या फिर मस्जिद की संगे बुनियाद। खेल प्रतियोगिताएं हो अथवा किसी भी प्रकार का सार्वजनिक समारोह सभी प्रकार के निमंत्रण कार्ड जो इनके घर भेजे गए हैं सभी को सहेजकर सुरक्षित रखा गया है यह संख्या 100 200 नहीं बल्कि 3000 के आस-पास है।
पहले ऐसे कार्ड हाथ से लिखे गए हैं उनके पेपर भले ही जीर्ण-शीर्ण अवस्था में है किंतु स्याही आज तक नहीं मिटी है।
सौ साल पहले दादा दादी की शादी के कैसे होते थे निमंत्रण कार्ड? braj bhushan iitk | |
| 99 Likes | 99 Dislikes |
| 2,509 views views | 324K followers |
| Non-profits & Activism | Upload TimePublished on 23 Jun 2018 |
Không có nhận xét nào:
Đăng nhận xét