सुभाष चंद्र बोस इस महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी गुलाम रब्बानी अब्बासी के घर आए थे।
विनोबा भावे जयप्रकाश नारायण उनकी पत्नी प्रभावती देवी किसान आंदोलन के सबसे बड़े नेता स्वामी सहजानंद जार्ज फर्नाडीज एवं पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर सिंह जैसे लोग यहां आकर महीनों और वर्षों निवास किए हैं यही से देश को आजाद कराने की बैठकें तथा खाका तैयार होता था।
हम हैं उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जनपद अंतर्गत यूसुफपुर कस्बे में अधिवक्ता ए वाई अब्बासी साहब के घर जिनके पिता गुलाम रब्बानी अब्बासी साहब 20 वर्ष की अवस्था में ही सुभाष बाबू से मिलकर देश को आजाद कराने के लिए राष्ट्रीय आंदोलन में कूद पड़े थे।
छीन लिया दरोगा का हंटर-
चित्र में जिस हंटर को आप देख रहे हैं यह अंग्रेजी हुकूमत के उस दरोगा का है जो निरपराध आजादी के दीवानों पर हंटर और कोड़े बरसाए करता था महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी गुलाम रब्बानी अब्बासी साहब ने दरोगा को पटक कर उनके सीने पर चढ़ गए और यह हंटर छीन लिया।
जिस छड़ी को आप देख रहे हैं वह महामना पंडित मदन मोहन मालवीय जी ने गुलाम रब्बानी अब्बासी साहब के खानदान के ही आजादी के दीवाने और महान फ्रीडम फाइटर फरीदुल हक अंसारी साहब को दिया था। बताते चलें कि फरीदुलहक अंसारी तथा पंडित जवाहरलाल नेहरू ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में एक साथ विधि की पढ़ाई किए थे और साथ में ही वकालत शुरु किया। दोनों लोगों ने एक साथ वकालत से तौबा कर राष्ट्रीय आंदोलन में प्रतिभाग किया था, इसे मैं किसी और वीडियो में बताऊंगा।
चित्र में रेलवे की लाइट देखी जा सकती है इसे भी नंदगंज रेलवे कांड में छीना गया था।
फ्रीडम फाइटर गुलाम रब्बानी अब्बासी कई बार तक युसूफपुर नगर पालिका परिषद के चेयरमैन रहे। अब्बासी साहब के परम मित्रों में कई बार सांसद रहे राष्ट्रीय आंदोलन के प्रमुख प्रणेता सरजू पांडे पब्बरराम राम आदि थे। जीवन के अंतिम पड़ाव तक इन लोगों का रब्बानी साहब के पैतृक निवास पर आना जाना खाना-पीना लगा रहता था।
स्वतंत्रता संग्राम सेनानी रब्बानी साहब के सुपुत्र एवं जनप्रिय अधिवक्ता श्री ए वाई अब्बासी साहब से वार्ता का कुछ अंश आप तक विनम्र भाव से संप्रेषित कर रहा हूं
दरोगा को पटक चढ़ गया छाती पर। छीन लिया हंटर।#brajbhushandubey braj bhushan iitk | |
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| Non-profits & Activism | Upload TimePublished on 12 Jul 2018 |
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