पहली बार काशी आगमन पर भगवान शिव का अभिषेक इसी कुंड के जल से ब्रह्मा जी के साथ अन्य ऋषि महात्माओं ने किया था।
भगवान शिव की जटाओं से निकली हुई गंगा के ठीक बगल में असि नदी के किनारे यह पुष्कर सरोवर विराजमान है जिसमें चारों तरफ जलकुंभी और अन्य जलीय घासें से जकड़ी हुई है।
कुंड का पानी काला एवं जहरीला हो गया है। लोग कूड़ा-कचरा इसी कुण्ड में फेंकते हैं। पहले सीवर का भी पानी आता था कुछ वर्षों पहले माननीय उच्च न्यायालय के कड़ा रुख अपनाने पर उसे रोक दिया गया।
कुल इस प्रकार के 63 कुण्ड सरोवर तालाब काशी में विराजमान हैं जिनका एक पौराणिक महत्व शास्त्रों के अनुसार वर्णित किया गया है।
जल स्रोतों का इस प्रकार नष्ट होना वह भी काफी जिसके सांसद वर्तमान में प्रधानमंत्री हो तथा धर्म की रक्षा तथा जल स्रोतों को बचाने हेतु सरकार लगातार अपनी प्रतिबद्धता जता रही हो, ऐसे गुंडों का नष्ट होना राष्ट्रीय दुर्भाग्य से कम नहीं है।
काशी मे इसी कुंड के जल से भगवान शिव ने किया था स्नान। braj bhushan iitk | |
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| Education | Upload TimePublished on 1 Jun 2018 |
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