मोदी सरकार के 4 साल पूरा होने पर जनपद स्तरीय उपलब्धियों का बखान माननीय तथा पदाधिकारियों द्वारा किया जा रहा है।
हम किसी प्रतिक्रियावाद से ग्रसित ना होकर उन मुद्दों को उठा रहे हैं जो आमजन के मौलिक अधिकार तथा बहुमूल्य जीवन से संबंधित हैं।
गाजीपुर मे 200 वेड वाले जिला चिकित्सालय में ना तो कोई सर्जन है ना ही हड्डी रोग विशेषज्ञ। कोई पैथोलाजिस्टलागी नही हैं और न न्यूरो सर्जन।
इमरजेंसी मेडिकल अफसर भी मानक के अनुसार नहीं है नेत्र चिकित्सक भी नहीं पद के सापेक्ष।
यदि किसी मरीज को हाइड्रोसील का ऑपरेशन कराना पड़ेगा पुर से वाराणसी के लिए रेफर कर दिया जाएगा।
पुर की सरकार के एक मंत्री अपने मंत्री दुकान में बीमार होने पर जिला चिकित्सालय लाया गया जहां आयुष शिव था और ना ही वेंटिलेटर की सुविधा हर रोग विशेषज्ञ भी कोई नहीं था दिल्ली गए जहां से उनके दिवंगत होने की सूचना मिली।
किस उपलब्धि का गुणगान किया जाए मेरे समझ में नहीं आता।
हां यह जरूर है कि स्थानीय सांसद एवं दो दो केंद्रीय मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाल रहे श्री मनोज सिन्हा जी ने रेल तथा स्वच्छता अभियान के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि तथा बहुमूल्य सौगात जनपद वासियों को दिया है।
मुख्यमंत्री के रूप में जब श्री आदित्यनाथ योगी जी जनपद में आए थे तो उनके साथ मेडिकल ड्यूटी में वाराणसी तथा आजमगढ़ से सर्जन को बुलाया गया था।
40 लाख की आबादी में यदि एक भी सर्जन हड्डी रोग विशेषज्ञ कार्डियोलॉजिस्ट पैथोलॉजिस्ट न्यूरोलॉजिस्ट इमरजेंसी मेडिकल अफसर आदि ना हो तो आमजन के उस मौलिक अधिकार का क्या होगा जिसने उसे चिकित्सा का अधिकार प्राप्त है।
हुजूर अपनी उपलब्धियों में इसे भी बताइए। braj bhushan iitk | |
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| Cars & Vehicles | Upload TimePublished on 26 May 2018 |
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