डेढ़ वर्षीय अंश ब्लड कैंसर की बीमारी से जूझ रहा था। ऑटो रिक्शा गुजरात में चला कर परिवार का भरण पोषण करने वाले अंश के पिता जितेंद्र तिवारी के पास इतनी सामर्थ नहीं थी की दुधमुंहे का इलाज करा सके।
2 वर्ष पहले जब प्रदेश के CM अखिलेश यादव हुआ करते थे तथा देश के PM मोदी जी थे दोनों ही जगहों पर इलाज का स्टीमेट भेजते हुए गुहार लगाई गई किंतु सब बेकार गया।
थक हार कर अंश के इलाज हेतु मित्रों सहित शहर के कई स्थानों पर जूता पालिश करने का एक जनतांत्रिक जंग शुरू हुआ।
फिर क्या था जिम्मेदार लोगों की आंखें खुली। केंद्र सरकार से तो कुछ नहीं मिला किंतु प्रदेश सरकार ने इलाज के लिए कुछ पैसे जरूर भेजा।
अंश के सिर के बाल झड़ गए थे जीने की संभावनाएं क्षीण हो गई थी किंतु अब वह पूरी तौर पर स्वस्थ है।
आप सभी दोस्तों एवं शुभ भाव रखने वाले सज्जन शक्तियों की दुआओं का असर है यह।
बताते चलें अंश गाजीपुर जनपद अंतर्गत सदर विकासखंड के सकरा गांव निवासी जितेंद्र तिवारी के सुपुत्र हैं।
आज पुनः परीक्षण हेतु काशी हिंदू विश्वविद्यालय में उन्हें जाना हुआ था इस अबोध बालक के लिए संपूर्ण मंगल कामना परम पिता परमात्मा से करता हूं।
दुधमुँहें के इलाज हेतु जब सरकारों की मर गई थी आत्मा; तब हुआ क्या? braj bhushan iitk | |
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| How-to & Style | Upload TimePublished on 6 Jun 2018 |
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